पाकिस्तानी क्रिकेटर ने कहा- इस्लाम अपनाने के कारण सुधरी बल्लेबाजी, अच्छा प्रदर्शन अल्लाह का तोहफा था, बेटी की मौत…

पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ ने साल 2006 में अपने शानदार प्रदर्शन का क्रेडिट इस्लाम धर्म को दिया. 46 साल के यूसुफ ने कहा कि इस्लाम अपनाने के कारण उनका खेल सुधरा था इसकी शुरुआत लाहौर में भारत के खिलाफ 173 रन के साथ हुई. इसके बाद यूसुफ ने इंग्लैंड दौरे पर भी कमाल का प्रदर्शन किया था.

धर्म बदल चुके हैं ये पांच धाकड़ क्रिकेटर्स, आखिरी नाम एक भारतीय का है- These cricketers have changed their religion Tillakaratne Dilshan suraj randiv Mohammad Yousuf Yousuf Youhana Wayne Parnell AG ...उन्होंने एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा रन बनाने का विवियन रिचर्ड्स का रिकॉर्ड तोड़ दिया था और उन्होंने उस वर्ष 1788 रन बनाए थे. विज्डन को दिए इंटरव्यू में यूसुफ ने माना कि वह अपने करीबी दोस्त सईद अनवर से प्रभावित थे. सईद का अपनी बेटी की मौ,त के बाद धर्म की तरफ झुकाव बढ़ गया था.

Mohammad Yousuf lashes out at PCB for allowing families ahead of India clash: IND-PAK मुकाबले से पहले PCB के फैसले से नाराज हुआ यह पूर्व खिलाड़ी - News Nationयूसुफ ने कहा कि उन्हें सईद के जीवन में बदलाव दिखा था ऐसे में उन्होंने भी इस्लाम अपना लिया. यूसुफ ने इस्लाम अपनाने के बारे में PakPassion.net से कहा, ‘कुछ लोगों ने आरोप लगाया था लेकिन मैंने जबरदस्ती में इस्लाम नहीं अपनाया था. सच्चाई यह है कि मैं सईद अनवर के काफी करीब था हम दोनों अच्छे दोस्त थे और जवानी के दिनों में लंबे समय तक साथ में क्रिकेट खेलते थे.

मैंने सईद को धार्मि,क बनने से पहले देखा था और फिर जब उसकी बेटी की मौ,त हुई तब देखा कि वह कैसे बदल गया सईद का धार्मिक होना मेरे लिए प्रेरणा थी और मेरे इस्लाम अपनाने का टर्निंग पॉइंट था. 2006 के अपने प्रदर्शन को याद करते हुए यूसुफ ने कहा कि उन्होंने कुछ अलग नहीं किया था. 2005 के आखिर में इस्लाम अपनाया था फिर दाढ़ी बना ली थी और पहले से ज्यादा शांति महसूस हुई.

The world record of Mohammed Yusuf which even Sachin and Virat could not breakउन्होंने कहा, मुझे हमेशा महसूस हुआ कि 2006 में मेरा अच्छा प्रदर्शन अल्लाह का तोहफा था. मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं उस साल विवियन रिचर्ड्स का रिकॉर्ड तोड़ूंगा लेकिन क्योंकि मुझे शांति थी और मानसिक रूप से मेरा खेल अच्छा था और मुझे लगता था कि कोई भी मुझे रोक नहीं सकता है और कोई भी मेरे रास्ते में नहीं आएंगे.

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